मॉस्को में जयशंकर पुतिन मुलाकात Jaishankar interview in Moscow
मॉस्को में जयशंकर–पुतिन मुलाकात: रूस से गहराते रिश्तों के बीच अमेरिका पर करारा जवाब
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भारत–रूस व्यापार और ऊर्जा साझेदारी मजबूत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मॉस्को यात्रा के दौरान भारत और रूस ने आपसी व्यापार बढ़ाने पर सहमति जताई। खासकर ऊर्जा क्षेत्र, दवाइयों, कृषि और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर जोर दिया गया। -
अमेरिकी टैरिफ पर पलटवार
जयशंकर ने अमेरिका की आलोचना पर हैरानी जताई और कहा कि भारत रूस का सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार नहीं है—चीन और यूरोप कहीं ज़्यादा खरीदते हैं। भारत अपनी ऊर्जा और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखेगा। -
रूसी ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में साझेदारी
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस भारत के साथ आर्कटिक और सुदूर पूर्व (Far East) में ऊर्जा खोज और प्रोजेक्ट्स में साझेदारी चाहता है। -
‘स्पेशल सिस्टम’ से तेल सप्लाई जारी रहेगी
रूस ने संकेत दिया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत को तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी। -
पुतिन से मुलाकात का संदेश
जयशंकर ने क्रेमलिन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों को “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे स्थिर संबंधों” में से एक बताया।
सारांश:
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भारत और रूस अपने रिश्तों को और मज़बूत कर रहे हैं।
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अमेरिकी टैरिफ और दबाव के बावजूद भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है।
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ऊर्जा क्षेत्र में नए संयुक्त प्रोजेक्ट्स भविष्य में रिश्तों को और गहरा करेंगे।
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पुतिन से मुलाकात ने संदेश दिया है कि भारत–रूस रिश्ते दीर्घकालिक और भरोसेमंद हैं।


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